- पशुधन बीमा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 21 लाख से अधिक पशुओं का बीमा किया गया है.
- केंद्र सरकार ने प्रीमियम दर घटाकर 15% कर दी है, जिससे पशुपालकों पर वित्तीय बोझ कम होगा.
- बीमा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जा रहा है, जिससे पशुपालकों को आसानी होगी.
देशभर में पशुधन बीमा योजना का दायरा बढ़ रहा है, जिसके तहत सरकार पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में 21 लाख से अधिक पशुओं का बीमा किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा संचालित पशुधन बीमा योजना के तहत यह कवरेज प्रदान किया गया है।
मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार पशुपालकों को बीमा के प्रति जागरूक कर रही है, ताकि अधिक से अधिक पशुधन को सुरक्षा प्रदान की जा सके. पशुपालकों को इस योजना का लाभ कैसे मिल सकता है, इसकी विस्तृत जानकारी यहां दी गई है।
पशुधन बीमा योजना का बढ़ता दायरा
मंत्री ने बताया कि 19वीं पशुधन संगणना के अनुसार, देश में 10.08 करोड़ परिवार ऐसे हैं जिनके पास पशुधन या पोल्ट्री है। पशुपालकों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना के तहत पशुधन बीमा कार्यकलाप को मांग के आधार पर संचालित किया जा रहा है। केंद्र सरकार राज्यों को पशुधन बीमा योजना के प्रस्ताव भेजने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, ताकि अधिक से अधिक पशुधन को इसमें सम्मिलित किया जा सके।
प्रीमियम दरों में कटौती: पशुपालकों को राहत
सरकार ने पशुपालकों को राहत देते हुए बीमा प्रीमियम दरों को कम कर दिया है. अब सभी श्रेणियों और क्षेत्रों के लिए लाभार्थी प्रीमियम का हिस्सा घटाकर मात्र 15 प्रतिशत कर दिया गया है, जो पहले 20-50 प्रतिशत तक था। अब पशुपालकों को केवल 15 प्रतिशत राशि देनी होगी, जबकि शेष प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकारें वहन करेंगी।
राज्यों के लिए अनुदान की नई व्यवस्था
केंद्र सरकार ने पर्वतीय और उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं, जिसके तहत:
- 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार वहन करेगी और 10 प्रतिशत राज्य सरकार देगी।
- अन्य सामान्य राज्यों में केंद्र सरकार 60 प्रतिशत और राज्य सरकार 40 प्रतिशत राशि देगी।
- संघ राज्य क्षेत्रों के लिए 100 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार वहन करेगी।
पशुपालन और डेयरी विभाग पशुपालकों को बीमा के लिए प्रेरित करने हेतु व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है। इन कार्यक्रमों में संगोष्ठी, शिविर, प्रचार अभियान, वीडियो कॉन्फ्रेंस और अन्य माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा, राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना के तहत प्रचार और जागरूकता अभियान के लिए राज्यों को 100 प्रतिशत केंद्रीय सहायता दी जाती है।
पशुधन बीमा योजना: ऑनलाइन पोर्टल से आवेदन
पशुपालन विभाग पशुधन बीमा कार्यक्रम को पारदर्शी और कुशल बनाने के लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल विकसित कर रहा है। इस पोर्टल के माध्यम से पशुपालक अपने पशुओं का बीमा आसानी से करवा सकेंगे और दावा प्रक्रिया भी सरल होगी।
राज्यों को बीमा कवरेज बढ़ाने के निर्देश
केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वे क्षेत्रीय समीक्षा बैठकों में बीमा कवरेज को बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं. राज्यों को पशुपालकों के बीच अधिक से अधिक जागरूकता फैलाने के लिए कहा गया है, ताकि इस योजना का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचे। सरकार की इस पहल से पशुपालकों को कई तरह से लाभ मिलेगा।
पशुधन बीमा योजना से पशुपालकों को लाभ
पशुधन बीमा योजना से देश के लाखों पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी. किसी भी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में उन्हें वित्तीय सहायता मिलेगी, जिससे उनका नुकसान कम होगा. केंद्र सरकार की यह पहल पशुपालन को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
घटक | विवरण |
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योजना का नाम | पशुधन बीमा योजना |
बीमा कवरेज | 21 लाख से अधिक पशुओं का बीमा (वित्तीय वर्ष 2024-25) |
प्रीमियम दर | 15% (लाभार्थी हिस्सा) |
सब्सिडी | केंद्र और राज्य सरकारें वहन करेंगी (पर्वतीय और उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए विशेष प्रावधान) |
उद्देश्य | पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना और पशुपालन को प्रोत्साहित करना |