- राजस्थान सरकार ने विद्या संबल योजना की नई गाइडलाइन जारी की है और अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की है।
- अभ्यर्थी वेतन प्रणाली बदलाव, साप्ताहिक शिक्षण घंटे सीमित होने और आवेदन प्रक्रिया में स्पष्टता की कमी को लेकर नाराज हैं।
- सेंट्रलाइज्ड ऑनलाइन पोर्टल की मांग, संविदा नियमों के तहत योजना का नया स्वरूप और स्थायी शिक्षक नियुक्ति पर जोर दिया गया है।
राजस्थान में विद्या संबल योजना की नई गाइडलाइन हाल ही में जारी की गई है, जिसके बाद अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस योजना के तहत शिक्षकों की नियुक्ति और वेतन व्यवस्था में बदलाव हुए हैं, जिनसे अभ्यर्थियों के बीच असंतोष बढ़ा है। वेतन प्रणाली में बदलाव, सीमित शिक्षण घंटे और आवेदन प्रक्रिया की परेशानियां चर्चा का मुख्य विषय बनी हैं। आइए, इन नई गाइडलाइन और अस्थायी शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ी मुख्य जानकारियाँ विस्तार से जानते हैं।
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राजस्थान में विद्या संबल योजना की नई गाइडलाइन और अस्थायी शिक्षक नियुक्ति
राजस्थान के कॉलेज शिक्षा विभाग ने विद्या संबल योजना के तहत अस्थायी शिक्षक नियुक्ति के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके साथ ही शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है। लेकिन गाइडलाइन में किए गए बदलाव और नियुक्ति प्रक्रिया ने अभ्यर्थियों में कई तरह की चिंता और असंतोष पैदा कर दिया है। खासकर वेतन प्रणाली और कार्य घंटे को लेकर विवाद हो रहा है।

अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति में अभ्यर्थियों की मुख्य शिकायतें
शिक्षकों की नियुक्ति में अभ्यर्थी मुख्य तौर पर तीन मुद्दों पर नाराज हैं। पहला, साप्ताहिक शिक्षण घंटे की सीमा केवल 14 घंटे तय होना, जिससे यूजी और पीजी छात्रों की पढ़ाई पूरी नहीं हो पाती। दूसरा, वेतन भुगतान प्रणाली में बदलाव जो अब मासिक वेतन के बजाय घंटों के आधार पर हो रहा है। तीसरा महत्वपूर्ण मुद्दा आवेदन प्रक्रिया की स्पष्टता न होना है क्योंकि फिलहाल आवेदन प्रिंसिपल के जरिए कॉलेज स्तर पर ही चल रही है।
वेतन प्रणाली में बदलाव का असर और अभ्यर्थियों की नाराजगी
पूर्व कांग्रेस सरकार के तहत मासिक वेतन देने वाली प्रणाली को भाजपा सरकार ने बदलकर अब घंटों के आधार पर वेतन देने लगी है। इससे शिक्षकों को सत्र के बीच में भी रोक दिया जाता है, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है। अभ्यर्थी मानते हैं कि यह बदलाव शिक्षण कार्य में बाधा डालता है और शिक्षकों की स्थिरता को नुकसान पहुंचाता है।
सेंट्रलाइज्ड पोर्टल की जरूरत और भर्ती प्रक्रिया में सुधार
अभ्यर्थियों का सुझाव है कि स्कूलों और कॉलेजों में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं के लिए एक सेंट्रलाइज्ड ऑनलाइन पोर्टल होना चाहिए। इससे हर विषय के खाली पदों की जानकारी, आवेदन समाधान, दस्तावेज जांच जैसी सेवाएं समय बचाने और स्पष्टता के साथ बेहतर तरीकों से की जा सकेंगी। इससे भर्ती प्रक्रिया की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
संविदा नियमों के तहत योजना का नया रूप और समाधान के सुझाव
विशेषज्ञ मानते हैं कि विद्या संबल योजना को सरकार को अन्य राज्यों की तरह संविदात्मक नियमों के अंतर्गत लाना चाहिए। इससे खाली पद जल्दी भरे जाएंगे, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और अनुशासन की भी गारंटी मिलेगी। यह कदम योजना को और अधिक प्रभावी और शिक्षकों के हित में बनाएगा।
कॉलेजों में स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति क्यों जरूरी है
नई शिक्षा नीति के सफल कार्यान्वयन के लिए कॉलेजों में पर्याप्त और स्थायी शिक्षकों की जरूरत है। बार-बार अस्थायी नियुक्ति और शिक्षकों को हटाने से पढ़ाई की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ता है। स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति से न केवल पढ़ाई बेहतर होगी बल्कि छात्रों को भी बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा।
मदममला | जानकारी |
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नई गाइडलाइन जारी होने की तिथि | जुलाई 2025 |
साप्ताहिक शिक्षण घंटे | 14 घंटे |
वेतन प्रणाली | घंटों के आधार पर भुगतान |
आवेदन प्रक्रिया | कॉलेज स्तर पर प्रिंसिपल द्वारा संचालित |
सेंट्रलाइज्ड पोर्टल सुझाव | education.rajasthan.gov.in |
आप योजना के तहत नई गाइडलाइन और भर्ती प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी राजस्थान शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं। आपके सवालों का जवाब और आगे की प्रक्रिया से जुड़ी अपडेट्स भी यहीं उपलब्ध रहेंगी।
इस योजना से जुड़े सभी पक्षों को यह ध्यान देना होगा कि शिक्षण की गुणवत्ता बनी रहे और अस्थायी नियुक्ति की जगह स्थायी, स्पष्ट और मजबूत व्यवस्था लागू हो।