- हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई तक बढ़ा दी है।
- 46 बागवानी फसलों के लिए किफायती फसल बीमा, जिसमें किसानों को केवल 2.5% प्रीमियम देना होता है।
- प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति की स्थिति में सीधे किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
अगर आप हरियाणा के एक बागवानी किसान हैं, तो यह आपके लिए अच्छी खबर है! मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना (MBBY) आपके फल, सब्जी और मसाले की फसलों को चरम मौसम और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान के खिलाफ वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। राज्य सरकार ने इस योजना के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई तक बढ़ा दी है, जिससे आप अब आसानी से पंजीकरण करा सकते हैं।
मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना हरियाणा – योजना क्या है और कैसे लाभ देती है
MBBY का उद्देश्य यह है कि अगर आपकी बागवानी फसलें ओलावृष्टि, पाला, बाढ़, तूफान, आग या तापमान में बदलाव जैसी आपदाओं से क्षतिग्रस्त होती हैं, तो आपको मुआवजा दिया जाए। यह योजना 46 फसलों को कवर करती है जिनमें सब्जियाँ, फल और मसाले शामिल हैं। आपको केवल कुल बीमा राशि का 2.5% प्रीमियम देना होता है, शेष राशि सरकार वहन करती है।
मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के तहत कौन-कौन सी फसलें शामिल हैं?
यह योजना निम्नलिखित 3 श्रेणियों में 46 बागवानी फसलों को कवर करती है:
- सब्जियाँ (23 प्रकार): भिंडी, बैंगन, लौकी, शिमला मिर्च, टमाटर, प्याज, खीरा, कद्दू, तरबूज आदि।
- फल (21 प्रकार): आम, अमरूद, किन्नू, नींबू, लीची, अनार, अंगूर, स्ट्रॉबेरी आदि।
- मसाले (2 प्रकार): हल्दी और लहसुन।
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बीमा प्रीमियम और कवरेज राशि
फसल प्रकार | प्रति एकड़ बीमा राशि (रु.) | किसान द्वारा देय प्रीमियम (2.5%) (रु.) |
---|---|---|
सब्जियाँ और मसाले | 30,000 | 750 |
फल | 40,000 | 1,000 |
नुकसान के आधार पर मुआवजा कैसे तय होता है?
फसल की क्षति का आकलन एक आधिकारिक समिति द्वारा किया जाता है। यदि आप योजना में पंजीकृत हैं, तो मुआवजा सीधे आपके बैंक खाते में भेजा जाएगा।
नुकसान का प्रतिशत | मुआवजा दर | सब्जियाँ और मसाले (रु.) | फल (रु.) |
---|---|---|---|
0 – 25% | शून्य | 0 | 0 |
26% – 50% | 50% | 15,000 | 20,000 |
51% – 75% | 75% | 22,500 | 30,000 |
75% से अधिक | 100% | 30,000 | 40,000 |
हरियाणा में मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
यदि आप अपनी बागवानी फसलों को सुरक्षित करना चाहते हैं, तो 31 जुलाई से पहले आवेदन कर लें। आवेदन करने की प्रक्रिया इस प्रकार है:
- हरियाणा कृषि विभाग की वेबसाइट, बागवानी विभाग के कार्यालय या अधिकृत बीमा एजेंट से संपर्क करें।
- अपने खेत या बाग से संबंधित विवरण के साथ आवेदन फॉर्म भरें।
- आवश्यक दस्तावेज़ जैसे पहचान पत्र, भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र और संपर्क विवरण जमा करें।
- कुल बीमा प्रीमियम का 2.5% प्रीमियम राशि जमा करके पंजीकरण पूरा करें।
इन सभी चरणों को पूरा करने के बाद आपको आधिकारिक पुष्टि प्राप्त होगी और आपकी फसलें बीमित हो जाएंगी। नुकसान की स्थिति में सत्यापन के बाद आपको सीधे आपके बैंक खाते में मुआवजा मिलेगा।
यह योजना आपके लिए आय की सुरक्षा और मौसम से जुड़ी अनिश्चितताओं से राहत पाने का शानदार मौका है। हरियाणा सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का लाभ ज़रूर उठाएं।