- झारखंड सरकार 2026 तक ई-ऑफिस सिस्टम को पूरी तरह लागू कर काम की गुणवत्ता और फाइल सुरक्षा बढ़ाएगी।
- चार विभागों में ई-ऑफिस शुरू हो चुका है, कर्मचारियों को इसका प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- पेपरलेस काम से पर्यावरण संरक्षण को भी मदद मिलेगी।
झारखंड सरकार ने ई-ऑफिस सिस्टम को 2026 तक पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा है, जिससे ऑफिस का काम बेहतर होगा, फाइलों की सुरक्षा बढ़ेगी और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। इस नई डिजिटल योजना के तहत सरकारी दस्तावेज इलेक्ट्रॉनिक तरीके से संभाले जाएंगे।
झारखंड ई-ऑफिस सिस्टम: काम की गुणवत्ता और सुरक्षा में सुधार
झारखंड सरकार ने ई-ऑफिस सिस्टम को बिना गलती और सुरक्षित बनाने के लिए एक सटीक योजना बनाई है। इससे न केवल काम की दक्षता बढ़ेगी, बल्कि कागजी दस्तावेजों के खोने या देर होने की समस्या भी खत्म होगी।
मुख्य सचिव के निर्देश और योजना
मुख्य सचिव अलका तिवारी ने आईटी विभाग को 2026 तक ई-ऑफिस सिस्टम पूरी तरह लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मिलकर एक साफ टाइमलाइन बनाने और छह महीने के अंदर पूरा सिस्टम चालू करने पर जोर दिया है।
“सरकारी फाइलें बहुत संवेदनशील होती हैं, इसलिए साइबर धोखाधड़ी से बचाव के लिए तकनीकी सुरक्षा पर खास ध्यान दो,” मुख्य सचिव ने कहा।
फाइल सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा के फायदे
ई-ऑफिस सिस्टम से फाइलें साइबर फ्रॉड के साथ-साथ आग, बाढ़, कीड़े, चूहे और फफूंदी जैसी प्राकृतिक खतरों से भी सुरक्षित रहेंगी। डिजिटल फाइलों को संभालने में भौतिक देखभाल नहीं करनी पड़ेगी, जिससे काम तेज होगा और लालफीताशाही कम होगी।
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पर्यावरण के लिए लाभकारी पेपरलेस काम
पेपरलेस सिस्टम से कागज की खपत कम होगी, जिससे पेड़ बचेंगे और पर्यावरण साफ-सुथरा रहेगा। इससे ऑफिस का माहौल भी आधुनिक और साफ-सुथरा बनेगा। यह कदम झारखंड को एक हरा-भरा राज्य बनाने में मदद करेगा।
चार विभागों में शुरू हुआ ई-ऑफिस और प्रशिक्षण
फिलहाल कार्मिक, वित्त, आईटी और उच्च शिक्षा विभागों में ई-ऑफिस लागू हो चुका है और कर्मचारियों को इसकी ट्रेनिंग दी जा रही है। इन विभागों में दस्तावेजों की डिजिटल रूपांतरण तेजी से हो रही है।
बाकी विभागों में ई-ऑफिस लागू करने की प्रक्रिया
मुख्य सचिव अलका तिवारी ने बाकी विभागों को भी समय से पहले ई-ऑफिस सिस्टम अपनाने के निर्देश दिए हैं। इस बदलाव को जल्दी पूरा करने के लिए विभाग प्रमुखों को जिम्मेदारी दी गई है।
मुद्दा | विवरण |
---|---|
लक्ष्य पूरा करना | जनवरी 2026 तक ई-ऑफिस सिस्टम का बिना गलती कार्यान्वयन |
शुरूआती विभाग | कार्मिक, वित्त, आईटी, उच्च शिक्षा |
प्रमुख अधिकारी | मुख्य सचिव अलका तिवारी |
पर्यावरण लाभ | पेपरलेस सिस्टम से पेड़ों की सुरक्षा और पर्यावरण की सफाई |
सरकारी वेबसाइट | https://jharkhand.gov.in |
इस स्मार्ट डिजिटल योजना के साथ, आप भी झारखंड सरकार के भविष्य के ऑफिस में तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के प्रति जागरूक काम करने का अनुभव कर सकते हैं। इस बदलाव के लिए सभी विभागों का सहयोग बहुत जरूरी है।
इस बदलाव को समझें और अपनी जिम्मेदारियों को समय पर पूरा करें क्योंकि डिजिटल इंडिया की इस यात्रा में झारखंड एक अच्छा उदाहरण बनने का पूरा इरादा रखता है।