- बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत छत्तीसगढ़ ने बालिकाओं के लिए साइबर सुरक्षा एवं शिक्षा पर खास कार्यक्रम शुरू किए हैं।
- साइबर अपराधों से बचाव और डिजिटल साक्षरता पर जागरूकता बढ़ाकर बालिकाओं को मजबूत बनाने पर ध्यान दिया गया।
- शाला प्रवेश उत्सव के माध्यम से नए दाखिल होने वाली बालिकाओं को शैक्षणिक सामग्री वितरित कर उनकी शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाई गई।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत छत्तीसगढ़ में बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए साइबर सुरक्षा और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन प्रयासों का मकसद बालिकाओं को ऑनलाइन खतरों से बचाना, उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना में साइबर सुरक्षा की जरूरत
डिजिटल दुनिया में आज बालिकाओं को साइबर अपराध जैसे ऑनलाइन धोखाधड़ी, डेटा चोरी, बैंकिंग फ्रॉड आदि से बचाना बहुत जरूरी हो गया है। इस योजना के तहत बालिकाओं को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी जा रही है, जिसमें सुरक्षित सोशल मीडिया उपयोग, मजबूत पासवर्ड, संदिग्ध लिंक से बचाव और ऑनलाइन प्राइवेसी बनाए रखने के तरीके शामिल हैं। इससे न केवल उनकी सुरक्षा होती है बल्कि वे डिजिटल साक्षरता भी सीखती हैं।
छत्तीसगढ़ में जागरूकता कार्यक्रम और उनके फायदे
राज्य के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जैसे जिलों में पहली बार ऑनलाइन सुरक्षा और साइबर जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इसके साथ ही अलग-अलग सरकारी योजनाओं जैसे नोनी सुरक्षा योजना, सक्षम योजना, महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड लाइन 1098 आदि की जानकारी भी बालिकाओं को दी गई, जो उनकी सुरक्षा और सशक्त बनाने में मददगार हैं।
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साइबर अपराधों के प्रकार और उनसे बचने के तरीके
साइबर अपराधों में मुख्य रूप से मैलवेयर, रैनसमवेयर, डी-डॉस अटैक, साइबर जासूसी, ऑनलाइन धोखाधड़ी और डेटा चोरी शामिल हैं। इनसे बचने के लिए बालिकाओं को पुलिस प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नियमित प्रशिक्षण दिया जाता है। उदाहरण के तौर पर, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करना, मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करना, अनजान लोगों से ऑनलाइन संपर्क में सावधान रहना इनमें से कुछ जरूरी तरीके हैं।
बालिकाओं को मजबूत बनाने वाली सरकारी योजनाएं
नोनी सुरक्षा योजना
बालिकाओं की सुरक्षा और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ऑपरेशन नोनी के तहत मदद दी जाती है।
सक्षम योजना
यह योजना बालिकाओं के संपूर्ण विकास और शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई है।
महिला हेल्पलाइन 181
सुरक्षा और मदद के लिए 24×7 उपलब्ध महिला हेल्पलाइन, जहां बालिकाएं व महिलाएं सुरक्षा-संबंधित सहायता पा सकती हैं।
शाला प्रवेश उत्सव के जरिए शिक्षा में रुचि बढ़ाना
शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में नए आने वाली बालिकाओं का हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया गया। उन्हें यूनिफॉर्म, कॉपियां, किताबें, पेन-पेंसिल जैसी शैक्षणिक सामग्री दी गई ताकि वे खुशी से अपनी पढ़ाई कर सकें। साथ ही माता-पिता और शिक्षकों को भी बाल शिक्षा और सुरक्षा के महत्व पर जागरूक किया गया।
इन कार्यक्रमों का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन मिलकर करते हैं। इनके जरिये बालिकाओं को सुरक्षित, आत्मनिर्भर और शिक्षित बनाने की दिशा में अच्छे परिणाम मिल रहे हैं।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है ताकि हर बालिका को सुरक्षित माहौल मिले और वह अपने अधिकार जानकर बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सके।
कार्यक्रम | स्थान | दिनांक | संपर्क |
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साइबर सुरक्षा जागरूकता सत्र | मनेन्द्रगढ़, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय | 21 जुलाई 2025 | महिला एवं बाल विकास विभाग |
शाला प्रवेश उत्सव | फूंदुरदिहारी, प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाएं | 22 जुलाई 2025 | शिक्षा विभाग |
अधिक जानकारी और मदद के लिए आप छत्तीसगढ़ महिला एवं बाल विकास विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।