मिनी नंदिनी किसान समृद्धि योजना 2025 – यूपी के डेयरी किसानों के लिए बड़ी सौगात

Applications opened for Mini Nandini Kisan Samriddhi Yojana in Ghaziabad, offering substantial government subsidy and loans for dairy farmers.

  • मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में गाजियाबाद के डेयरी किसानों के लिए वित्तीय सहायता और लोन की सुविधा उपलब्ध है।
  • पशुपालक साहिवाल, गिर, और थारपारकर नस्ल की गायें खरीदकर योजना का फायदा उठा सकते हैं।
  • सरकार 50% तक सब्सिडी देती है, जबकि 85% रकम बैंक लोन के रूप में मिलती है, आवेदन प्रक्रिया आसान और क्रमवार है।

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना डेयरी पशुपालकों के लिए एक सुनहरा मौका लेकर आई है, खासकर गाजियाबाद के किसानों के लिए। इस योजना के जरिए पशुपालक सरकारी रियायत और बैंक लोन के द्वारा डेयरी कामकाज के लिए वित्तीय मदद पा सकते हैं। योजना की रूपरेखा, पात्रता, आवेदन की प्रक्रिया और फायदे नीचे पूरी तरह बताये गए हैं।

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में आवेदन कौन कर सकता है?

इस योजना के लिए वे पशुपालक पात्र हैं जो डेयरी उद्योग से जुड़े हैं और गाजियाबाद जिले में रहते हैं। आवेदन के लिए आपको पहचान पत्र, पते का प्रमाण, पशुधन से जुड़े दस्तावेज और बैंक खाता विवरण जैसे जरूरी कागजात देने होंगे। इससे ये माना जाता है कि आप योजना के लिए सही हैं।

योजना के तहत वित्तीय सहायता और लोन की पूरी जानकारी

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में कुल 23.60 लाख रुपये का बजट रखा गया है। इसमें से 15% रकम गाय खरीद या डेयरी के ढांचे के निर्माण में खर्च करनी होगी। बाकी 85% रकम बैंक से लोन के रूप में मिलती है। सरकार 50% तक की सहायता दो हिस्सों में देती है, जो कुल 11.80 लाख रुपए तक हो सकती है। इस तरह किसान बैंक लोन के साथ-साथ सब्सिडी का भी लाभ उठा सकते हैं।

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मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लिए कैसे आवेदन करें?

आवेदन करने के लिए पहले गाजियाबाद पशु विभाग के ऑफिस या आधिकारिक वेबसाइट से फॉर्म लें। फॉर्म में सही जानकारी भरकर जरूरी दस्तावेजों के साथ जमा करें। आवेदन प्रक्रिया के चरण इस प्रकार हैं:

  • आधिकारिक फॉर्म भरना।
  • जरूरी दस्तावेजों की जांच।
  • स्थानीय पशु विभाग की तरफ से जांच-पड़ताल।
  • वित्तीय मदद का आकलन और मंजूरी।
  • लोन प्रक्रिया शुरू करना।

आपको हर कदम पर सावधान रहना चाहिए और विभाग द्वारा दी गई सलाह को ध्यान से मानना चाहिए ताकि आवेदन में किसी तरह की दिक्कत न आए।

योजना में किन नस्लों की गायें खरीदनी जरूरी हैं?

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत किसानों को साहिवाल, गिर और थारपारकर नस्ल की गायें खरीदनी जरुरी हैं। ये नस्लें दूध उत्पादन में अच्छी मानी जाती हैं और क्षेत्र के लिए ठीक हैं, इसलिए इन्हें योजना में प्राथमिकता दी गई है। दूसरी जगह से ये गायें खरीदकर पशुपालक अपने डेयरी कामकाज को मजबूत कर सकते हैं।

योजना से मिलने वाले फायदे और डेयरी संचालन के जरुरी खर्चे

गाय खरीदने के लिए 15% रकम आपको खुद से लगानी होगी, बाकी बैंक लोन के जरिए मिलती है। इसके अलावा डेयरी के लिए ढांचा तैयार करने और दूसरे खर्चों के लिए भी सब्सिडी मिलती है। इस योजना से डेयरी के लिए आवश्यक चारा, दवाइयां, उपकरण और विकास कार्य भी शामिल हैं। इससे पशुपालकों का काम मजबूत होता है और उनकी आमदनी बढ़ती है।

विवरणजानकारी
योजना का नाममिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना
पात्रतागाजियाबाद के डेयरी से जुड़े पशुपालक
कुल धनराशि23.60 लाख रुपये
सरकारी अनुदान50% तक (11.80 लाख रुपये)
बैंक ऋण85% तक उपलब्ध
गाय की नस्लेंसाहिवाल, गिर, थारपारकर
आवेदन केंद्रगाजियाबाद पशु विभाग ऑफिस या आधिकारिक वेबसाइट
आवेदन तिथि24 जुलाई 2025 से

अगर आप डेयरी कामकाज बढ़ाने का सोच रहे हैं तो ये योजना आपके लिए बहुत फायदेमंद होगी। जल्दी से आवेदन करें और मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लाभ उठाएं। अधिक जानकारी और आवेदन के लिए आधिकारिक पशु विभाग वेबसाइट देखें: https://upidadv.up.gov.in/

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