- हरियाणा में 1 अगस्त से नए कलेक्टर रेट लागू होंगे, जिससे जमीन की कीमतों में 5 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होगी।
- कलेक्टर रेट हर जिले के लिए जमीन की न्यूनतम बिक्री कीमत होती है, जो बाजार की जांच और वेल्यू कमेटी की रिपोर्ट पर आधारित होती है।
- दिल्ली-एनसीआर के पास वाले जिले जैसे गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोहना में रेट अधिक बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
हरियाणा का कलेक्टर रेट सरकार द्वारा तय किया जाने वाला जमीन का न्यूनतम मूल्य है, जिस पर किसी जगह जमीन की खरीद-फरोख्त होती है। यह रेट न केवल जमीन की खरीद को प्रभावित करता है, बल्कि प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन फीस जैसे अन्य खर्चों को भी तय करता है। आज हम जानेंगे कि हरियाणा में कलेक्टर रेट क्या होता है, 2025-26 के लिए इसमें क्या बदलाव हुए हैं और इसका आपकी जमीन खरीद या निवेश पर क्या असर पड़ेगा।
हरियाणा में कलेक्टर रेट क्या होता है और इसका महत्व
कलेक्टर रेट वह न्यूनतम कीमत होती है, जिस पर किसी जिले में जमीन बेची या खरीदी जा सकती है। यह दर राज्य सरकार तय करती है ताकि जमीन की कीमतों में साफ-साफ जानकारी बनी रहे और टैक्स सही वसूला जा सके। जमीन खरीदने या बेचने में यह रेट रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और टैक्स तय करने में इस्तेमाल होता है।
2025-26 के लिए हरियाणा में कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी का विवरण
राजस्व विभाग ने हाल ही में सभी मंडल आयुक्तों और जिला उपायुक्तों को पत्र भेजा है जिसमें बताया गया है कि 1 अगस्त 2025 से नए कलेक्टर रेट लागू होंगे। इस साल कलेक्टर रेट में 5 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी प्रस्तावित है, जो जिले और इलाके के हिसाब से अलग-अलग होगी।
कलेक्टर रेट बढ़ने का जमीन खरीदने वालों और निवेशकों पर असर
नई दर लागू होने के बाद जमीन की कीमत बढ़ जाएगी, जिससे जमीन खरीदने पर असर पड़ेगा। साथ ही रजिस्ट्रेशन के लिए जो फीस देनी होती है वह भी बढ़ जाएगी। इसलिए जमीन खरीदते समय आपको अपने बजट में इन बदलावों को ध्यान में रखना जरूरी होगा। निवेशकों के लिए यह रेट बीमा देने या कीमतों में तेजी आने का संकेत भी हो सकता है।
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हरियाणा में कलेक्टर रेट बढ़ाने की प्रक्रिया और फैसला
कलेक्टर रेट तय करने में बाजार की जांच अहम भूमिका निभाती है। वेल्यू कमेटी अलग-अलग जिलों में जमीन के बाजार मूल्य को देखकर रिपोर्ट बनाती है। इसके बाद सरकार कलेक्टर रेट में जरूरत के अनुसार बदलाव करती है और नए रेट लागू करती है। यह प्रक्रिया साफ-सुथरी और नियमित होती है ताकि जमीन की कीमतें सही बाजार के अनुसार बनी रहें।
पिछले सालों में हरियाणा के कलेक्टर रेट की बढ़ोतरी का तुलना
पिछले साल 2024 में हुए बदलाव में कलेक्टर रेट 12 से 32 प्रतिशत तक बढ़ाए गए थे। दिल्ली-एनसीआर से लगे जिलों जैसे रोहतक, पलवल, बहादुरगढ़, सोनीपत, करनाल और पानीपत में करीब 20 प्रतिशत तक और गुरुग्राम, सोहना, फरीदाबाद, पटौदी, बल्लभगढ़ में 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई थी। इस बार भी दिल्ली के नजदीक वाले जिलों में रेट ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है।
अगर आप जमीन खरीदने या निवेश करने का सोच रहे हैं तो इन बढ़े हुए रेट को ध्यान में रखकर सही फैसला लें। वेल्यू कमेटी की रिपोर्ट और सरकारी आदेश पर पूरी नजर रखें।
विवरण | 2024 में वृद्धि (%) | 2025-26 प्रस्तावित वृद्धि (%) |
---|---|---|
दिल्ली-एनसीआर से लगे जिले (रोहतक, पलवल, बहादुरगढ़, सोनीपत, करनाल, पानीपत) | ~20% | 5-25% |
गुरुग्राम, सोहना, फरीदाबाद, पटौदी, बल्लभगढ़ | ~30% | ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना |
अधिक जानकारी और आधिकारिक आदेश के लिए आप हरियाणा रेरा या राजस्व विभाग हरियाणा की वेबसाइट पर जा सकते हैं।
नई कलेक्टर रेट के अनुसार जमीन खरीदना अब महंगा हो जाएगा, अगर आप निवेश या अपनी जरूरत के लिए प्रॉपर्टी खरीदने का सोच रहे हैं तो जल्दी योजना बनाएं।