- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तीज के अवसर पर लाडो सखी योजना शुरू की।
- लाडो सखी गर्भवती महिलाओं को व्यक्तिगत मदद देंगी और हर बालिका के जन्म पर 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त करेंगी।
- राज्य में 131 महिला संस्कृति केंद्र और डिजिटल बाल कार्यक्रम जैसे कई नए प्रोग्राम भी शुरू किए गए हैं।
हरियाणा सरकार ने महिलाओं की मदद और भ्रूण लिंग संतुलन के लिए लाडो सखी योजना की घोषणा की है। यह योजना गर्भवती महिलाओं को खास सहायता देने के लिए है। इसमें, लाडो सखी की रीडिंग में महिलाओं को निगरानी और मदद के साथ-साथ आर्थिक प्रोत्साहन भी मिलेगा। यह योजना तीज के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुरू की। इस खबर में आपको पता चलेगा कि लाडो सखी योजना क्या है, इसके फायदे कौन-कौन उठा सकते हैं और हरियाणा में महिलाओं के लिए और कौन-कौन से महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
लाडो सखी योजना क्या है और इसका मतलब
लाडो सखी योजना का मुख्य मकसद महिलाओं और खासकर गर्भवती महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा देना है। इस योजना से न सिर्फ महिलाओं की देखभाल मजबूत होगी, बल्कि बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने योजना की शुरुआत कर इसे राज्य सरकार की बेटियों के लिए समर्पित पहल बताया। यह योजना स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के जरिए महिलाओं को व्यक्तिगत मदद देने पर ध्यान देती है।
लाडो सखी का रोल और जिन महिलाओं को फायदा होगा
लाडो सखी के रूप में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर और सहायक नर्स दाइयां काम करेंगी जो गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल करेंगी। वे नियमित निगरानी, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी सलाह देकर महिलाओं की मदद करेंगी। इसके अलावा, वे महिलाओं को मानसिक और भावनात्मक सहयोग भी देंगी, जिससे गर्भवती महिलाओं को बेहतर सुविधा और देखभाल मिलेगी। यह पहल महिलाओं के जीवन को बेहतर तरीके से प्रभावित करती है।
लाडो सखी योजना में मिलने वाली आर्थिक प्रोत्साहन राशि
इस योजना के तहत, हर बालिका के जन्म पर नामित लाडो सखी को 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसका मकसद लाडो सखी की मेहनत और लगन को मान देना है ताकि वे अपने काम में और लगन दिखाएं। यह आर्थिक मदद योजना के बेहतर लागू होने और निगरानी में सहायक होगी।
Also Read – Haryana Schemes List 2025: Apply Online for Haryana Govt. Schemes on Saral Haryana Portal
हरियाणा में महिला संस्कृति केंद्रों की शुरुआत
इस योजना के साथ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा में 131 महिला संस्कृति केंद्रों का भी शुभारंभ किया। ये केंद्र महिलाओं को गायन, नृत्य, भक्ति प्रदर्शन जैसे सांस्कृतिक कामों में भाग लेने का मौका देंगे। इन केंद्रों से महिलाओं को सामाजिक मंच मिलेगा, जिससे वे अपनी प्रतिभा निखार सकेंगी और अपनी सांस्कृतिक विरासत को बचा सकेंगी। महिला संस्कृति केंद्रों से महिलाओं के बीच एकता और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

आगे के कदम: डिजिटल बाल कार्यक्रम और महिला उद्यमिता प्रोत्साहन
आंगनवाड़ियों में डिजिटल बाल कार्यक्रम की शुरुआत की गई है, जिसका मकसद बच्चों के विकास में तकनीक का सही इस्तेमाल करना है। इससे बच्चे शिक्षा और पोषण दोनों में सुधार पाएंगे। इसके अलावा, राज्य सरकार महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए कई उपाय भी ला रही है, जिससे महिलाएं स्वरोजगार में आगे बढ़ सकें। महिला उद्यमिता प्रोत्साहन से महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता मिलेगी और उनकी सामाजिक स्थिति मजबूत होगी।
आप सरकार की इस पहल से जुड़कर महिलाओं की मदद और बेहतर जीवन के लिए योगदान दे सकते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए हरियाणा सरकार के आधिकारिक पोर्टल https://haryana.gov.in पर जाएं।
मुख्य बिंदु | विवरण |
---|---|
योजना का नाम | लाडो सखी योजना |
शुरुआत तिथि | 29 जुलाई 2025 (तारीख तीज पर्व) |
आर्थिक प्रोत्साहन राशि | हर बालिका जन्म पर 1000 रुपये |
महिला संस्कृति केंद्र | 131 संचालित केंद्र |
डिजिटल बाल कार्यक्रम | आंगनवाड़ी में शुरू |
सरकारी वेबसाइट | haryana.gov.in |