- झारखंड सरकार की आकांक्षा योजना के तहत हर साल 300 आदिवासी छात्रों को नीट और जेईई की मुफ्त कोचिंग मिलेगी।
- 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए अलग-अलग बैच बनाए जाएंगे, 11वीं के लिए 2 साल और 12वीं के लिए 1 साल की कोचिंग।
- कोचिंग रांची के हिंदपीढ़ी में शुरू होगी, जिसमें रहने और खाने की व्यवस्था भी शामिल है।
झारखंड सरकार ने आकांक्षा योजना के जरिए आदिवासी छात्रों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने का फैसला किया है, जिसमें नीट और जेईई के लिए मुफ्त कोचिंग दी जाएगी। इस योजना के तहत 300 मेधावी आदिवासी युवाओं को हर साल चुनकर देश की नामी मेडिकल और इंजीनियरिंग परीक्षाओं की तैयारी करने का मौका मिलेगा। इस खास योजना का मकसद आदिवासी छात्रों को उच्च शिक्षा में प्रतिस्पर्धा करने में मदद करना है।
आकांक्षा योजना के तहत झारखंड में आदिवासी छात्रों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा
झारखंड सरकार की योजना के तहत हर साल 300 आदिवासी छात्रों को नीट और जेईई के लिए मुफ्त कोचिंग दी जाएगी। इन छात्रों को सरकारी सुविधा के तहत तैयारी का मौका मिलेगा, ताकि वे आने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। सरकार ने वैध टेंडर प्रक्रिया से एजेंसी चुनकर इस योजना को जल्दी से लागू किया जा रहा है।
कोचिंग की चयन प्रक्रिया और सुविधाएं
छात्रों का चयन मेरिट के आधार पर होगा और चयन प्रक्रिया के लिए 13 अगस्त तक टेंडर पूरी की जाएगी। रांची के हिंदपीढ़ी में कल्याण विभाग के भवनों में कोचिंग सेंटर चलेंगे। यहां छात्रों को कोचिंग के साथ रहने और खाने की भी व्यवस्था मिलेगी। छात्र सुरक्षा के लिए विभागीय सचिव कृपानंद झा ने स्थल का निरीक्षण कर जरूरी प्रबंध सुनिश्चित किए हैं।
11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए कोचिंग का विभाजन
कोचिंग को 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए अलग-अलग बैचों में बांटा गया है। 11वीं के छात्रों के लिए 2 साल और 12वीं के छात्रों के लिए 1 साल की कोचिंग दी जाएगी। हर साल 150 छात्र नीट और जेईई की तैयारी करेंगे, जिसमें हर कक्षा से 75-75 छात्र नीट और जेईई के अलग-अलग बैच बनाए जाएंगे। इससे छात्रों को बेहतर ध्यान देने और तैयारी में गहराई लाने में मदद मिलेगी।
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आकांक्षा योजना से प्रेरित सफलता की कहानियां
आकांक्षा योजना की शुरुआत 2016-17 में हुई थी और तब से कई छात्रों ने इसका फायदा उठाकर प्रतिष्ठित मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला लिया है। शुरुआत में योजना के तहत 40-40 छात्रों को कोचिंग दी जाती थी, जिसे अब बढ़ाकर मेडिकल के लिए 75 और इंजीनियरिंग के लिए 100 छात्रों तक किया गया है। यह योजना गरीब और मेधावी आदिवासी छात्रों के लिए शिक्षा की राह खोल रही है।
बिंदु | विवरण |
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कोचिंग छात्र संख्या | 300 आदिवासी छात्र (11वीं और 12वीं) |
कोचिंग अवधि | 11वीं के लिए 2 साल, 12वीं के लिए 1 साल |
कोचिंग केंद्र | हिंदपीढ़ी, रांची (कल्याण विभाग भवन) |
चयन प्रक्रिया | मेरिट आधारित परीक्षा और ओपन टेंडर एजेंसी चयन |
खाना और रहने की व्यवस्था | कोचिंग केंद्र में उपलब्ध |
अधिक जानकारी | झारखंड कल्याण विभाग |
आकांक्षा योजना झारखंड सरकार की एक अलग पहल है जो आदिवासी युवाओं को उनकी उच्च शिक्षा और करियर बनाने में पूरी मदद करती है। अगर आप आदिवासी हैं और नीट या जेईई की तैयारी कर रहे हैं तो यह योजना आपके लिए मुफ्त कोचिंग का सुनहरा मौका है। जल्दी आवेदन करें और अपनी प्रतिभा को पहचान बनाएं।