- यूपीएस से एनपीएस में स्विच करने के लिए एक बार अनुमति, समय सीमा 30 सितंबर 2025 तक।
- यूपीएस में 20 वर्ष सेवा पर 50% बेसिक पेंशन, महंगाई राहत और जीवन साथी को 60% पेंशन का लाभ।
- ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से यूपीएस में आवेदन संभव, अंतिम तिथि 30 सितंबर 2025।
यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के तहत यूपीएस से एनपीएस में स्विच करने के नियम और यूपीएस के मुख्य लाभों के बारे में जानना हर केंद्रीय कर्मचारी के लिए जरूरी है। यूपीएस योजना केंद्र सरकार के कर्मचारियों को बेहतर पेंशन सुरक्षा देती है। इस लेख में यूपीएस से एनपीएस में स्विच करने के नियम, यूपीएस के फायदे, आवेदन प्रक्रिया और पेंशन तथा महंगाई राहत की जानकारी विस्तार से दी गई है।
यूपीएस से एनपीएस में स्विच करने के नियम
यूपीएस से एनपीएस में स्विच करने के लिए कुछ जरूरी शर्तें और समय सीमा तय की गई हैं। कर्मचारी केवल एक बार इस विकल्प का इस्तेमाल कर सकते हैं और स्विच करने के बाद वापस यूपीएस में लौटना संभव नहीं होगा। यह विकल्प सेवानिवृत्ति से कम से कम एक साल पहले या वॉलंटरी रिटायरमेंट से तीन महीने पहले तक लिया जा सकता है।
ध्यान दें कि जिन कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई या अनुशासनात्मक मामले लंबित हैं या जिन्हें सेवा से हटाया गया है, वे इस सुविधा का लाभ नहीं उठा पाएंगे। अगर कर्मचारी समय सीमा के भीतर विकल्प नहीं चुनते हैं, तो वे अपने आप यूपीएस के तहत ही रहेंगे।
सरकार ने साफ किया है कि 30 सितंबर 2025 के बाद एनपीएस में रह रहे कर्मचारी यूपीएस में वापस नहीं आ सकेंगे। यह अंतिम तिथि उन रिटायर्ड एनपीएस सब्सक्राइबर्स और वर्तमान कर्मचारियों दोनों पर लागू होती है जो यूपीएस में आना चाहते हैं।
UPS के मुख्य लाभ
यूपीएस योजना के तहत कई फायदे कर्मचारी को मिलते हैं जो उनकी सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा देते हैं।
- पेंशन राशि: कम से कम 20 वर्ष की सेवा पूरी करने पर सेवानिवृत्ति के समय बीते 12 महीने की औसत बेसिक पे का 50% पेंशन के रूप में मिलेगा। 10 वर्ष की नौकरी के बाद भी कम से कम 10,000 रुपये प्रति माह पेंशन पक्की है।
- योगदान: कर्मचारी को अपने बेसिक वेतन और डीए का 10% योगदान देना होगा, जबकि सरकार 18.5% का योगदान करेगी।
- जीवन साथी को पेंशन: कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में जीवन साथी को पेंशन का 60% मिलेगा।
- महंगाई राहत: पेंशन पर नियमित महंगाई राहत दी जाती है जिससे सेवानिवृत्ति के बाद भी महंगाई से सुरक्षा बनी रहती है।
- ग्रेच्युटी और एकमुश्त राशि: सेवानिवृत्ति और मृत्यु दोनों स्थितियों में ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा। सेवा के वर्षों के आधार पर एकमुश्त राशि भी दी जाती है।
यूपीएस में आवेदन कैसे करें?
यूपीएस योजना में आवेदन करने के लिए दोनों ऑनलाइन और ऑफलाइन विकल्प उपलब्ध हैं।
- ऑनलाइन आवेदन: आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर यूपीएस के लिए रजिस्ट्रेशन करें। इसके बाद “माइग्रेट फ्रॉम एनपीएस टू यूपीएस” विकल्प चुनें और जरूरी जानकारी भरकर आवेदन सबमिट करें।
- ऑफलाइन आवेदन: संबंधित फॉर्म डाउनलोड करें, भरें और अपने डीडीओ के पास जमा करें। डीडीओ आवेदन पत्र पीएओ को भेजेगा।
ध्यान रखें कि आवेदन प्रक्रिया 30 सितंबर 2025 तक पूरी करनी होगी। समय सीमा के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
यूपीएस में पेंशन और महंगाई राहत की जानकारी
यूपीएस योजना के तहत पेंशन राशि नियमित रूप से महंगाई के अनुसार बढ़ाई जाती है। इससे सेवानिवृत्ति के बाद भी आपकी पेंशन की क्रय शक्ति बनी रहती है। महंगाई राहत के अलावा, कर्मचारी को ग्रेच्युटी और एकमुश्त राशि भी मिलती है जो सेवा के वर्षों के आधार पर तय होती है।
इस योजना से आप और आपके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिलती है, खासकर जीवन साथी को भी पेंशन का 60% हिस्सा मिलता है, जो परिवार की वित्तीय स्थिरता में मदद करता है।
अगर आप केंद्रीय कर्मचारी हैं और यूपीएस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो समय रहते आवेदन करें और अपनी पेंशन सुरक्षा पक्की करें। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट https://www.pfrda.org.in पर जाएं।