- 31 अगस्त 2025 तक झारखंड के किसानों के लिए बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सिर्फ 1 रुपये में फसल बीमा कराने का मौका।
- साहिबगंज जिले में 13,797 लोनधारी और 10,572 गैर-लोनधारी किसानों ने योजना में भाग लिया है।
- प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा और प्रति एकड़ 20,000 रुपये तक मुआवजे का लाभ, साथ ही 14447 टोल-फ्री नंबर पर सहायता उपलब्ध।
बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना झारखंड के किसानों के लिए एक अच्छा मौका लेकर आई है। इस योजना के तहत आप अपनी फसल का बीमा सिर्फ 1 रुपये में करा सकते हैं। यह योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने और आर्थिक सुरक्षा देने के लिए बनाई गई है। अगर आप झारखंड के किसान हैं, तो 31 अगस्त 2025 तक इस योजना में पंजीकरण कराना न भूलें। इस लेख में हम आपको योजना में पंजीकरण की प्रक्रिया, लाभ, और अन्य जरूरी जानकारियां विस्तार से बताएंगे।
साहिबगंज जिले में इस योजना के प्रति किसानों का उत्साह बढ़ रहा है। अब तक 13,797 लोनधारी और 10,572 गैर-लोनधारी किसानों ने फसल बीमा कराया है। प्रखंडवार आंकड़ों के अनुसार, साहिबगंज प्रखंड में 1,054 लोनधारी और 4,869 गैर-लोनधारी किसानों ने पंजीकरण कराया है। बोरियो, बरहेट, बरहरवा, राजमहल, तालझारी, मंडरो, पथना और उदवा प्रखंडों में भी किसानों की भागीदारी अच्छी है। यह दिखाता है कि किसान अपनी फसल की सुरक्षा को लेकर जागरूक हो रहे हैं।
बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पंजीकरण कैसे करें?
31 अगस्त तक सिर्फ 1 रुपये में फसल बीमा कराने के लिए आपको नजदीकी प्रज्ञा केंद्र या संबंधित सरकारी कार्यालय में जाकर आवेदन करना होगा। पंजीकरण के लिए जरूरी दस्तावेजों में आपकी पहचान पत्र, जमीन के कागजात, और फसल से जुड़ी जानकारी शामिल हैं। यह प्रक्रिया आसान और तेज है ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इसका फायदा उठा सकें।
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फसल बीमा का महत्व और किसानों को मिलने वाले लाभ
किसानों की मेहनत और उनकी फसल प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, और कीट हमलों से प्रभावित हो सकती है। बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अगर आपकी फसल पूरी तरह से नष्ट हो जाती है, तो आपको प्रति एकड़ 20,000 रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। यह आर्थिक सुरक्षा किसानों को उनकी मेहनत का फल सुरक्षित रखने में मदद करती है और उन्हें मुश्किल हालात से उबरने का मौका देती है।
पलामू जिले में एचडीएफसी एर्गो कंपनी की भूमिका
फसल बीमा योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सरकार ने निजी बीमा कंपनियों को जिम्मेदारी दी है। पलामू जिले में एचडीएफसी एर्गो कंपनी इस योजना को अच्छी तरह से लागू कर रही है। यह कंपनी बीमा क्लेम प्रक्रिया को आसान और तेज बनाती है, जिससे किसानों को समय पर मुआवजा और अन्य सुविधाएं मिलती हैं।
किसानों के लिए टोल-फ्री नंबर और सहायता
योजना से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए किसान 14447 टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर सकते हैं। यह सेवा किसानों को योजना की शर्तों, लाभों और पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी देती है। अगर आपको योजना से संबंधित कोई भी सवाल हो, तो इस नंबर पर संपर्क करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए एक सहारा साबित हो रही है। केवल 1 रुपये में फसल बीमा कराने का यह मौका आपके लिए आर्थिक सुरक्षा का जरिया है। झारखंड के किसान इस योजना का फायदा उठाकर अपनी फसल और परिवार के भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं। 31 अगस्त 2025 तक पंजीकरण कराना न भूलें और अपने खेत की सुरक्षा करें।
विवरण | जानकारी |
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पंजीकरण अंतिम तिथि | 31 अगस्त 2025 |
पंजीकरण शुल्क | 1 रुपये |
मुआवजा राशि | प्रति एकड़ 20,000 रुपये तक |
संपर्क टोल-फ्री नंबर | 14447 |
मुख्य बीमा कंपनी (पलामू जिला) | एचडीएफसी एर्गो कंपनी |
अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट | https://pmfby.gov.in |