- कृषि यंत्र खरीदने से पहले पंजीकृत फर्म से ही खरीदना जरूरी है, अन्यथा सब्सिडी नहीं मिलेगी।
- ऑनलाइन पोर्टल से ही आवेदन कर सब्सिडी मिल सकती है, और जो किसान पढ़े-लिखे नहीं हैं उनके लिए खास प्रावधान हैं।
- यंत्रों पर मिलने वाला अनुदान तीन से दस वर्षों के बाद ही फिर से दिया जाएगा, सरकार ने साफ नियम बनाए हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार की Krishi Yantrikaran Yojana किसानों के लिए एक जरूरी योजना है, जो आधुनिक कृषि यंत्रों की खरीद पर सब्सिडी देती है। इस योजना का मकसद किसानों की आय बढ़ाना, उत्पादन बेहतर बनाना और समय व लागत दोनों बचाना है। इस लेख में आप जानेंगे कि कृषि यंत्र लेने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, पंजीकृत फर्म से खरीद के नियम, ऑनलाइन सब्सिडी आवेदन के तरीके, पढ़-लिखे नहीं किसानों के लिए सहायता, और अनुदान से जुड़े नियम।
कृषि यंत्र लेने से पहले जरूरी बातें
जब किसान कृषि यंत्र खरीदने की सोचें, तो कुछ महत्वपूर्ण बातें ध्यान में रखनी चाहिए ताकि सब्सिडी मिल सके। गलत या गैर पंजीकृत स्रोत से खरीद पर अनुदान नहीं मिलेगा। साथ ही भुगतान, जांच और बाकी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है।
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पंजीकृत फर्म से कृषि यंत्र खरीदने का क्या मतलब है?
उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के पोर्टल पर रजिस्टर्ड फर्मों से ही यंत्र खरीदना जरूरी है। इस बारे में:
- सिर्फ पोर्टल पर दर्ज फर्मों से ही खरीदें।
- दूसरे किसी निर्माता, डीलर या वितरक से खरीदे गए यंत्रों पर सब्सिडी नहीं मिलेगी।
- खरीद के समय फर्म या डीलर का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर भरना होगा।
- ई-वे बिल जरूर लें और यंत्र के सीरियल नंबर दर्ज करवाएं।
- किसान को खरीद की लागत का कम से कम 50% भुगतान अपने बैंक खाते से करना जरूरी है, ताकि भुगतान की जांच हो सके।
सब्सिडी पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन
सब्सिडी पाने के लिए किसान कृषि विभाग के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। आवेदन में यंत्र की खरीद विस्तार से दर्ज करनी होगी। इसके बाद ई-लॉटरी या दूसरी प्रक्रिया से टोकन कन्फर्मेशन होगी, जिसके बाद अनुदान दिया जाता है।
पढ़े-लिखे नहीं रहे किसानों के लिए विशेष सुविधा
जो किसान पढ़े-लिखे नहीं हैं या जिनके बैंक खाते में चेक बुक नहीं है, उनके लिए खरीद प्रक्रिया में कुछ खास छूट दी गई है। ऐसे किसानों को अपने परिवार के किसी रिश्तेदार के बैंक खाते से कम से कम 50% भुगतान करना होगा।
साथ ही, 10,000 रुपये से ज्यादा कीमत वाले यंत्र के लिए 100 रुपये के स्टांप पेपर पर नोटरी द्वारा सत्यापित शपथ पत्र देना जरूरी है। इससे जांच में पारदर्शिता बनी रहती है।
यंत्रों पर अनुदान के नियम और सीमा
कृषि यंत्र की खरीद पर एक बार अनुदान मिलने के बाद फिर से अनुदान पाने के लिए कुछ समय सीमा तय है:
- मानव या पशु द्वारा चलाए जाने वाले कृषि यंत्रों पर अगले 3 साल तक फिर से अनुदान नहीं मिलेगा।
- शक्ति चालित कृषि यंत्रों पर 5 साल बाद ही दोबारा अनुदान दिया जाएगा।
- फार्म मशीनरी बैंक, हाई टेक हब फॉर कस्टम हायरिंग, कस्टम हायरिंग सेंटर, ट्रैक्टर/कम्बाइन हार्वेस्टर जैसे यंत्रों पर 10 साल के बाद ही पुनः अनुदान होगा।
ये नियम किसानों को बेहतर उत्पादकता देने के साथ योजना का सही इस्तेमाल करने के लिए बनाए गए हैं।
कृषि यांत्रीकरण योजना से जुड़े मुख्य सवाल
Q1. कृषि यांत्रीकरण योजना क्या है?
उत्तर प्रदेश सरकार की यह योजना किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराकर उनकी उत्पादकता बढ़ाने और आय सुधारने के लिए शुरू की गई है।
Q2. योजना में कौन-कौन सी योजनाएं शामिल हैं?
इसमें सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन और प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॉर इन-सिटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजिड्यू जैसी योजनाएं शामिल हैं।
Q3. आवेदन कैसे करें?
सभी आवेदन ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कर के ही किए जा सकते हैं। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी होती है।
Q4. कृषि यंत्र कहां से खरीदें?
सिर्फ कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत फर्मों से यंत्र खरीदें, अन्य जगह से खरीदे यंत्रों पर अनुदान नहीं मिलेगा।
Q5. सब्सिडी का भुगतान कैसे होगा?
सत्यापन के बाद सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के ज़रिए सीधे किसानों के खाते में अनुदान राशि भेजती है।
इस योजना से जुड़ी सारी जानकारी के लिए कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल https://krishi.up.gov.in/ पर संपर्क कर सकते हैं।
कृषि यंत्र खरीदने से पहले इन बातों को ध्यान से समझ लें, ताकि आपका निवेश सही दिशा में हो और आप उत्तर प्रदेश सरकार की Krishi Yantrikaran Yojana के तहत मिलने वाली सब्सिडी का पूरा लाभ उठा सकें।