मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना : बेटियों की शिक्षा और भविष्य के लिए आर्थिक समर्थन

Chief Minister Kanya Sumangala Yojana provides financial aid and support for the education, health, and safety of daughters in Uttar Pradesh, benefiting over 18000 girls.

  • मुख्यमंत्री सुमंगला योजना से जन्म से स्नातक तक बेटियों को छह चरणों में कुल 25 हजार रुपए की आर्थिक मदद मिलती है।
  • बलरामपुर जिले में अब तक 18085 बेटियों को योजना का लाभ मिल चुका है, और 25187 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
  • योजना के लिए वार्षिक आय सीमा तीन लाख रुपये और दो संतान तक की शर्तें लागू हैं, साथ ही स्वास्थ्य व सुरक्षा हेतु टीकाकरण व आत्मरक्षा सहायता भी दी जाती है।

मुख्यमंत्री सुमंगला योजना एक ऐसी योजना है जो बेटियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्र में मजबूती देती है। यह योजना बालिकाओं के समग्र विकास के लिए वित्तीय मदद के साथ-साथ सामाजिक सम्मान भी दिलाती है। बढ़ते इस सपने में आपकी बेटी भी सही रास्ता अपना सकती है। इस योजना से जुड़े पात्रता मापदंड, लाभ के चरण और क्षेत्रीय प्रभाव की पूरी जानकारी आप यहां पा सकते हैं।

मुख्यमंत्री सुमंगला योजना के पात्र कौन हैं?

इस योजना का फायदा उन परिवारों को मिलता है जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम हो और जिनके दो से ज्यादा बच्चे न हों। पात्र होने के लिए आपको आधार कार्ड, परिवार का आय प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज देने होंगे। आवेदन की प्रक्रिया आसान है और ब्लॉक स्तर पर ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन कर सकते हैं।

योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक मदद के छह चरण

बेटियों को जन्म से स्नातक तक शिक्षा और सुरक्षा के लिए छह अलग-अलग चरणों में आर्थिक मदद दी जाती है। हर चरण में मिलने वाली राशि इस प्रकार है:

चरणकार्यक्रमआर्थिक सहायता राशि (रुपए)
प्रथमजन्म के समय2000
द्वितीयटीकाकरण पर सहायता1000
तृतीयकक्षा 1 में प्रवेश2000
चतुर्थकक्षा 6 में नामांकन2000
पंचमकक्षा 9 में प्रवेश3000
षष्ठस्नातक या डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश7000

मुख्यमंत्री सुमंगला योजना से लाभान्वित बेटियों की संख्या और क्षेत्रीय प्रभाव

बलरामपुर जिले में वर्ष 2019-20 से इस योजना की शुरुआत हुई। अब तक कुल 25187 आवेदन मिले हैं, जिनमें से 18085 बेटियों को लाभ दिया जा चुका है। इस योजना के जरिए हजारों परिवारों के सपनों को पंख मिले हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रैल से अब तक 763 बेटियों को सहायता राशि दी जा चुकी है। यह योजना जिले में काफी सकारात्मक असर दिखा रही है।

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आय सीमा और अन्य नियम जो योजना के लाभ को प्रभावित करते हैं

योजना में वार्षिक आय सीमा तीन लाख रुपए तय की गई है। इसके अलावा, लाभ के लिए परिवार में अधिकतम दो बच्चे होने जरूरी हैं। ये नियम योजना की लक्षित आबादी को सही तरीके से सेवाएं देने के लिए बनाए गए हैं। अगर इन मापदंडों में बदलाव होता है तो उससे लाभार्थी पात्रता और राशि प्रभावित हो सकती है।

योजना के तहत स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए मिल रहे लाभ

टीकाकरण के लिए आर्थिक मदद योजना का दूसरा चरण है, जो बच्चों को स्वास्थ्य से जुड़ी सुरक्षा देता है। साथ ही, आत्मरक्षा और सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षणों के लिए भी सहायता दी जाती है, ताकि बेटियाँ शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बन सकें।

जन जागरूकता अभियान और योजना का प्रचार-प्रसार

पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार जन जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। विभिन्न माध्यमों से माता-पिता और निवासियों को योजना के बारे में जानकारी दी जा रही है ताकि सभी योग्य परिवार इसका पूरा लाभ उठा सकें। जिला प्रशासन और सरकारी विभाग इस दिशा में खास काम कर रहे हैं।

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