- हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं पर ₹7000 करोड़ से अधिक बकाया है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र का हिस्सा सबसे बड़ा है।
- वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के तहत बकाया बिलों पर 100% तक सरचार्ज में छूट और किस्तों में भुगतान की सुविधा मिलती है।
- यह स्कीम छह महीने के लिए लागू है, जिसमें अभी दो महीने बचे हैं; विस्तार की संभावना भी बनी हुई है।
हरियाणा सरकार ने बिजली संकट से निपटने के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम शुरू की है, जो उपभोक्ताओं को उनके बकाया बिलों के भुगतान में राहत देती है। इस Settlement Scheme के तहत ₹7000 करोड़ से अधिक के बकाया को कम करने की कोशिश की जा रही है। इस योजना का मकसद बिजली उपभोक्ताओं को उनके बकाया बिलों पर छूट और आसान किस्तों में भुगतान की सुविधा देना है।
हरियाणा के बिजली उपभोक्ताओं पर कुल ₹7,695.62 करोड़ से अधिक बकाया है, जो जून 2025 तक जमा हुआ है। लगभग 22 लाख उपभोक्ता इस बकाया के लिए जिम्मेदार हैं। इस बकाया का सबसे बड़ा हिस्सा ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं का है, जो ₹4,400 करोड़ से अधिक है। इसके अलावा, शहरी घरेलू उपभोक्ताओं पर ₹834 करोड़, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों पर ₹770 करोड़, औद्योगिक इकाइयों पर ₹1,063 करोड़, कृषि क्षेत्र के किसानों पर ₹194 करोड़ और सरकारी विभागों पर ₹389 करोड़ का बकाया है।
यह स्थिति बिजली वितरण कंपनियों, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के लिए गंभीर वित्तीय संकट पैदा कर रही है। बकाया वसूली न होने के कारण निगमों को नियमित परिचालन और रखरखाव के लिए जरूरी धन की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
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वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के तहत राहत के मौके
सरकार ने इस गंभीर समस्या को देखते हुए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम की घोषणा की है, जो उपभोक्ताओं को उनके बकाया बिलों के भुगतान में मदद करती है। इस योजना के तहत कई तरह की छूट और सुविधाएं दी जा रही हैं:
- सरचार्ज में 100% छूट: ग्रामीण और घरेलू उपभोक्ताओं को उनके बकाया बिल पर लगे सरचार्ज में पूरी छूट मिलेगी।
- किस्तों में भुगतान: उपभोक्ता अपने बकाया बिल को किस्तों में भी चुका सकते हैं, जिससे भुगतान आसान हो जाता है।
- औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए 50% छूट: उद्योग और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को उनके पेंडिंग बिल पर 50% सरचार्ज माफी दी जाएगी।
बकाया बिल न चुकाने के नुकसान
बिल का भुगतान न करने पर कई गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जिनसे बचना जरूरी है:
- जुर्माना और ब्याज: समय पर भुगतान न करने पर जुर्माना और ब्याज लगते हैं, जिससे बकाया राशि बढ़ती रहती है।
- कनेक्शन कटौती: बिल न चुकाने पर बिजली कनेक्शन काटा जा सकता है, और पुनः कनेक्शन के लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है।
- कानूनी कार्रवाई: अत्यधिक बकाया होने पर बिजली निगम कानूनी कदम भी उठा सकता है, जिससे उपभोक्ता को और परेशानी हो सकती है।
स्कीम का लाभ कैसे लें?
वन टाइम सेटलमेंट स्कीम का लाभ लेने के लिए आपको बिजली वितरण निगम की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी कार्यालय में जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया सरल है और इसमें आप अपने बकाया बिल की जानकारी देकर किस्तों में भुगतान की सुविधा पा सकते हैं।
सरकार ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ जल्द से जल्द लें ताकि वे अपने पुराने बिलों के बोझ से मुक्त हो सकें और बिजली सेवा का लाभ लगातार प्राप्त कर सकें।
स्कीम की अवधि और आगे की संभावनाएं
यह वन टाइम सेटलमेंट स्कीम छह महीने के लिए लागू की गई है, जिसमें अब केवल दो महीने बचे हैं। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा है कि अगर इस योजना को अच्छा जवाब मिलता है, तो इसे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।
यह योजना न केवल उपभोक्ताओं के लिए राहत का जरिया है, बल्कि बिजली निगमों को वित्तीय संकट से बाहर आने में भी मदद कर सकती है। इसलिए, इस मौके का फायदा उठाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
| विवरण | आंकड़े / जानकारी |
|---|---|
| कुल बकाया राशि | ₹7,695.62 करोड़ |
| बकाया उपभोक्ताओं की संख्या | 22 लाख से अधिक |
| ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं का बकाया | ₹4,400 करोड़ से अधिक |
| सरकारी विभागों का बकाया | ₹389 करोड़ |
| स्कीम की अवधि | 6 महीने (2 महीने बचे) |
| सरकार की आधिकारिक वेबसाइट | https://uhbvn.org.in / https://dhbvn.org.in |
इस योजना के तहत आप अपने बिजली बिलों का भुगतान कर सकते हैं और जुर्माना, ब्याज जैसी अतिरिक्त रकम से बच सकते हैं। जल्द से जल्द आवेदन करें और इस अच्छे मौके का फायदा उठाएं।