PM आजीविका अनुदान योजना – यूपी के अनुसूचित जाति युवाओं को रोजगार के लिए ₹50,000 की सहायता

PM Aajeevika Grant Scheme offers Rs 50,000 grant to Scheduled Caste youth in Uttar Pradesh for self-employment, promoting economic empowerment and skill training.

  • पीएम आजीविका ग्रांट इन एड योजना के तहत अनुसूचित जाति के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 50 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा।
  • लाभार्थी कम से कम तीन लोगों का समूह बनाकर आवेदन कर सकते हैं, जिसके लिए मुफ्त प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
  • 50 हजार रुपये या परियोजना लागत का 50% अनुदान मिलेगा, 5% लाभार्थी अंशदान करना होगा, और बाकी बैंक ऋण के रूप में मिलेगा।

PM आजीविका ग्रांट इन एड योजना आर्थिक रूप से कमजोर अनुसूचित जाति के युवाओं के लिए एक अच्छा मौका लेकर आई है। इस योजना का मकसद उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता देना है। अगर आप या आपके परिचित इस योजना का फायदा लेना चाहते हैं, तो इस योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और अन्य जरूरी बातें जानें।

PM आजीविका ग्रांट इन एड योजना के तहत 50 हजार रुपये की मदद

पीएम आजीविका योजना से अनुसूचित जाति के आर्थिक रूप से कमजोर बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 50 हजार रुपये तक का अनुदान मिलेगा। यह मदद आपको अपनी छोटी व्यवसाय शुरू करने या मजबूत करने में मदद करेगी, ताकि आप आत्मनिर्भर बन सकें।

लाभार्थियों की पात्रता और समूह बनाकर आवेदन कैसे करें

इस योजना का फायदा लेने के लिए आपको या आपके साथियों को कम से कम तीन लोगों का समूह बनाना होगा। यही समूह स्वरोजगार योजना के तहत आवेदन कर सकता है। समूह बनाकर आवेदन इसलिए जरूरी है ताकि मिलकर बेहतर व्यवसाय चलाया जा सके और सभी को सफलता मिल सके।

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सरकारी अनुदान, लाभार्थी अंशदान और बैंक ऋण कैसे मिलेगा

योजना के तहत आपको 50 हजार रुपये या परियोजना लागत का 50 प्रतिशत, जो भी कम होगा, वह अनुदान के रूप में मिलेगा। इसके अलावा, आपको परियोजना लागत का 5 प्रतिशत अंशदान करना होगा। बाकी की रकम के लिए बैंक से ऋण मिल जाएगा। इस तरह आप अपने स्वरोजगार को आसानी से शुरू कर सकते हैं।

मुफ्त प्रशिक्षण और स्वरोजगार के लिए उपयुक्त व्यवसाय

लाभार्थियों को व्यवसाय शुरू करने से पहले संबंधित क्षेत्र में मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये प्रशिक्षण व्यवसाय की मांग और क्षेत्र के हिसाब से होगा। कुछ ऐसे व्यवसाय जिनके लिए प्रशिक्षण मिलेगा उनमें ब्यूटी पार्लर, किराना दुकान, पशुपालन (गाय पालन, बकरी पालन), फोटोग्राफी, बुटिक, लॉजिस्टिक्स, इलेक्ट्रिक, ऑटो/ई-रिक्शा, मल्टी स्किल टेक्नीशियन, मृदा संरक्षण, बागवानी आदि शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की भूमिका और संपर्क

इस योजना को उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड चला रहा है, जिसे नोडल एजेंसी बनाया गया है। आप इस निगम के कार्यालय से संपर्क करके आवेदन की पूरी जानकारी ले सकते हैं। आपका जिला समाज कल्याण अधिकारी भी इस योजना का नोडल अधिकारी होता है, जिससे सीधे संपर्क किया जा सकता है।

विवरणजानकारी
अनुदान राशि₹50,000 या परियोजना लागत का 50% (जो भी कम हो)
लाभार्थी अंशदानपरियोजना लागत का 5%
बैंक ऋणशेष परियोजना लागत
समूह आकारकम से कम 3 सदस्य
प्रशिक्षणमुफ्त, व्यवसाय आधारित
नोडल एजेंसी संपर्कउत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड

इस योजना की मदद से आप अपना स्वरोजगार शुरू करके न सिर्फ अपनी आर्थिक स्थिति सुधार सकते हैं, बल्कि अपने समुदाय के लिए एक प्रेरणा भी बन सकते हैं। इसलिए, इच्छुक युवाओं को सलाह दी जाती है कि वे जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया शुरू करें और इस योजना का फायदा उठाएं।

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