- मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के तहत किसानों को सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा पंप उपलब्ध कराए जाएंगे।
- इस योजना के तहत, सरकार किसानों को सौर ऊर्जा पंपों की स्थापना के लिए 90 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान करती है।
- किसानों को अपनी अनुपयोगी भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के अवसर भी मिलेंगे, जिससे वे अतिरिक्त ऊर्जा उत्पादन कर राष्ट्रीय ग्रिड में जोड़ सकते हैं।
किसानों के लिए खुशखबरी! अब मध्यप्रदेश के किसान न केवल अन्नदाता रहेंगे, बल्कि ऊर्जादाता भी बनेंगे। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना (Pradhan Mantri Krishak Mitra Surya Yojana) के लिए 447 करोड़ रुपये का बजट रखा है, जिसका उद्देश्य किसानों को सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा पंप उपलब्ध कराना है। इस योजना से किसान बिजली पैदा करके अपनी आय बढ़ा सकेंगे और पर्यावरण को भी लाभ होगा।
क्या है प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना?
मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना (Pradhan Mantri Krishak Mitra Surya Yojana) शुरू की है। इस योजना के तहत किसानों को सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा पंप दिए जाएंगे।
योजना का नाम | प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना |
राज्य | मध्यप्रदेश |
बजट | 447 करोड़ रुपये (2025-26) |
उद्देश्य | किसानों को सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा पंप उपलब्ध कराना |
लाभ | मुफ्त बिजली, अतिरिक्त आय, पर्यावरण संरक्षण |
पीएम कुसुम योजना में सब्सिडी | 90% तक |
योजना का उद्देश्य
- किसानों को सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा पंप उपलब्ध कराना।
- किसानों को बिजली उत्पादन में सक्षम बनाना।
- किसानों की आय बढ़ाना।
- पर्यावरण को सुरक्षित रखना।
बजट का प्रावधान
प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना (Pradhan Mantri Krishak Mitra Surya Yojana) के लिए सरकार ने वर्ष 2025-26 में 447 करोड़ रुपये का बजट रखा है। इससे पता चलता है कि सरकार इस योजना को लेकर कितनी गंभीर है।
कैसे काम करेगी यह योजना?
किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप दिए जाएंगे, जिनसे वे अपने खेतों की सिंचाई कर सकेंगे। इसके बाद जो भी बिजली बचेगी, उसे ग्रिड में भेज दिया जाएगा, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय होगी।
किसानों को कैसे होगा फायदा?
- सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली मिलेगी।
- अतिरिक्त बिजली बेचकर आय होगी।
- किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी।
- पर्यावरण को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी।
केंद्र सरकार की पीएम कुसुम योजना
केंद्र सरकार भी प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम कुसुम) चला रही है। इसका मकसद भी यही है कि किसान सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करें। इस योजना में सरकार किसानों को सौर ऊर्जा पंप लगाने के लिए 90% तक सब्सिडी देती है। किसान अपनी खाली जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली बना सकते हैं और उसे ग्रिड को बेच सकते हैं।
किसानों को ‘ऊर्जादाता’ बनाने की जरूरत
किसानों को अब सिर्फ अन्नदाता ही नहीं, ऊर्जादाता भी बनना होगा। इससे उनकी आय भी बढ़ेगी और पर्यावरण भी सुधरेगा। किसानों को कृषि के कचरे से भी ऊर्जा बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। वे अपने खेतों से निकलने वाले बायोमास का इस्तेमाल करके बिजली बना सकते हैं। इससे कचरा भी साफ होगा और बिजली का खर्च भी बचेगा।
सरकार को चाहिए कि वह प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना (Pradhan Mantri Krishak Mitra Surya Yojana) और पीएम कुसुम योजना (PM Kusum Yojana) के लिए पर्याप्त पैसा दे और ज्यादा से ज्यादा किसानों को इसका लाभ मिले। इससे न केवल खेती के लिए बिजली मिलेगी, बल्कि उद्योगों और घरों के लिए भी बिजली मिल सकेगी। किसानों को आय का एक और जरिया मिलेगा।