- जीविका दीदी योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बिहार में शुरू की गई है।
- स्वयं सहायता समूह से जुड़कर महिलाएं 15,000 से 2 लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकती हैं।
- जीविका निधि क्रेडिट कोऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड 12% ब्याज दर पर आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
जीविका दीदी योजना बिहार में महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मदद करने का एक बड़ा प्रयास है। इस योजना के तहत महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़कर 15,000 से लेकर 2 लाख रुपये तक के ऋण ले सकती हैं। यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बिहार सरकार द्वारा चलाई जा रही है और इसका मकसद महिलाओं को छोटे व्यवसाय, खेती और अन्य जरूरतों के लिए आर्थिक मदद देना है।
बिहार में महिलाओं को मजबूत बनाने के लिए जीविका दीदी योजना का बहुत बड़ा महत्व है। यह योजना महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने और परिवार के साथ-साथ समाज में भी एक मजबूत भूमिका निभाने का मौका देती है। जीविका दीदी बनने का मतलब है कि महिलाएं स्वयं सहायता समूह के जरिए आर्थिक गतिविधियों में हिस्सा लें और अपनी पहचान बनाएं।
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स्वयं सहायता समूह से जुड़कर कैसे लाभ लें
जीविका दीदी बनने के लिए आपको अपने गाँव के स्वयं सहायता समूह में शामिल होना होगा। ये समूह महिलाओं का ऐसा मंच है जहां वे मिलकर बचत करती हैं और छोटे व्यवसाय शुरू करती हैं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद आप जीविका निधि क्रेडिट कोऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड से ऋण के लिए आवेदन कर सकती हैं।
जीविका निधि क्रेडिट कोऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड की भूमिका
जीविका निधि क्रेडिट कोऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड एक खास संस्था है जिसे महिलाओं को आर्थिक मदद देने के लिए बनाया गया है। यह संस्था बैंक की तरह काम करती है और महिलाओं को तीन तरह के ऋण देती है। इसका मकसद महिलाओं को वित्तीय मदद देकर उनके व्यवसाय और जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
जीविका दीदी योजना के तहत मिलने वाले ऋण विकल्प
इस योजना के तहत महिलाएं छोटे व्यवसाय, खेती या अन्य जरूरतों के लिए 15,000 रुपये, 75,000 रुपये और अधिकतम 2 लाख रुपये तक का ऋण ले सकती हैं। यह ऋण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करता है ताकि वे अपने व्यवसाय को बढ़ा सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
ऋण की ब्याज दर और चुकाने की अवधि
जीविका दीदी योजना के तहत ऋण पर 12% वार्षिक ब्याज दर लगती है। ऋण राशि के अनुसार चुकाने की अवधि भी तय की गई है:
ऋण राशि | ब्याज दर | चुकाने की अवधि |
---|---|---|
₹15,000 | 12% प्रति वर्ष | 1 वर्ष |
₹75,000 | 12% प्रति वर्ष | 2 वर्ष |
₹2,00,000 | 12% प्रति वर्ष | 3 वर्ष |
इस व्यवस्था से महिलाओं पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता और वे आराम से किश्तें चुका सकती हैं। यह योजना बिहार की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का एक अच्छा तरीका साबित हो रही है। अधिक जानकारी के लिए https://www.brlps.in/Ihome पर जाएं