- मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना छत्तीसगढ़ में फिर से शुरू हो गई है, जिससे बुजुर्ग श्रद्धालुओं को मुफ्त तीर्थ यात्रा का अवसर मिलेगा।
- पहली ट्रेन रामेश्वरम और मदुरई के लिए रवाना हुई, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए यात्रा, भोजन और ठहरने की मुफ्त व्यवस्था है।
- यह योजना 2013 में शुरू हुई थी, लेकिन कांग्रेस सरकार में बंद हो गई थी, और अब बीजेपी सरकार ने इसे फिर से शुरू किया है।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना एक बार फिर शुरू हो गई है। इस योजना के तहत, राज्य के बुजुर्ग श्रद्धालुओं को नि:शुल्क तीर्थ यात्रा कराई जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर रेलवे स्टेशन से पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामेश्वरम और मदुरई के पवित्र स्थलों के दर्शन के लिए रवाना हुए।
मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना – बुजुर्गों के लिए मुफ्त तीर्थ यात्रा
मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के बुजुर्ग नागरिकों को धार्मिक स्थलों की यात्रा करने का अवसर प्रदान करना है, ताकि वे अपनी धार्मिक आस्था को पूरा कर सकें। इस योजना के अंतर्गत, सरकार यात्रा, भोजन और आवास सहित सभी खर्चों को वहन करती है।
रामेश्वरम और मदुरई के लिए पहली ट्रेन रवाना
रायपुर रेलवे स्टेशन से रामेश्वरम और मदुरई के लिए पहली ट्रेन रवाना हुई। इस ट्रेन में बड़ी संख्या में बुजुर्ग श्रद्धालु इन पवित्र तीर्थ स्थलों के दर्शन के लिए गए हैं। यात्रा के दौरान, श्रद्धालुओं की सुविधाओं का खास ध्यान रखा गया है, और राज्य सरकार ने उनके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की शुरुआत
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की शुरुआत 2013 में डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में हुई थी। इस योजना का उद्देश्य गरीब और असहाय बुजुर्गों को धार्मिक स्थलों की यात्रा करने में मदद करना था। हालांकि, पिछली कांग्रेस सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया था। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने सत्ता में वापस आने के बाद इस योजना को फिर से शुरू किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उनकी सरकार बुजुर्गों की आस्था का सम्मान करती है और उन्हें तीर्थ यात्रा का अवसर प्रदान करना चाहती है।
योजना का लक्ष्य
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उनकी सरकार बुजुर्गों की आस्था का पूरा सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रा करना हर श्रद्धालु का अधिकार है और सरकार इसे सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अयोध्या धाम रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 22,000 से अधिक श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक बुजुर्गों को इस योजना का लाभ पहुंचाना है।
योजना के तहत आगे की तैयारी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह योजना सिर्फ रामेश्वरम और मदुरई तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आने वाले समय में अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी। इससे छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा का अवसर मिल सकेगा। मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना के माध्यम से राज्य सरकार बुजुर्गों को उनकी धार्मिक इच्छाओं को पूरा करने में सहायता कर रही है, जिससे उन्हें मानसिक शांति और संतोष मिल सके।
मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना का लाभ कैसे लें?
योजना के लिए पात्रता
- आवेदक छत्तीसगढ़ का निवासी होना चाहिए।
- आवेदक की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- आवेदक को किसी भी गंभीर बीमारी से पीड़ित नहीं होना चाहिए।
आवेदन प्रक्रिया
मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया सरल है। इच्छुक नागरिक अपने जिले के समाज कल्याण विभाग में जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, आयु प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं।
आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- आयु प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
- स्वास्थ्य प्रमाण पत्र
अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
- इस योजना के तहत, यात्रा, भोजन और आवास सब कुछ मुफ्त है।
- श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए सरकार विशेष व्यवस्था करती है।
मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना छत्तीसगढ़ के बुजुर्ग नागरिकों के लिए एक अनमोल अवसर है। इस योजना के माध्यम से, वे न केवल अपने धार्मिक स्थलों की यात्रा कर सकते हैं, बल्कि एक खुशहाल और संतुष्ट जीवन भी जी सकते हैं।