- किसानों को जलीय कृषि बीमा खरीदने के लिए प्रोत्साहन।
- प्रीमियम के 40% तक की सब्सिडी, अधिकतम ₹1 लाख प्रति किसान।
- विभिन्न जलीय कृषि प्रणालियों के लिए बीमा कवरेज।
भारत सरकार का मत्स्यपालन विभाग किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना चला रहा है। इस योजना के तहत, जलीय कृषि करने वाले किसानों को बीमा प्रीमियम पर 40% तक की सब्सिडी मिलती है। यह प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत है, जिसका उद्देश्य मत्स्यपालन को बढ़ावा देना है। सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 से वित्त वर्ष 2026-27 तक के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY) नामक एक नई केंद्रीय क्षेत्र उप-योजना शुरू की है। इस योजना का अनुमानित व्यय ₹6000 करोड़ है, जिसमें ₹3000 करोड़ सार्वजनिक वित्त और शेष ₹3000 करोड़ निजी निवेश से है।
क्या है प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY)?
पीएम-एमकेएसएसवाई के तहत, जलीय कृषि बीमा खरीदने के लिए किसानों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। राज्यसभा में मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री, श्री जॉर्ज कुरियन ने एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। इस योजना के अंतर्गत दो प्रकार के बीमा उत्पाद उपलब्ध हैं:
योजना का नाम | प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY) |
कौन कार्यान्वित कर रहा है | मत्स्यपालन विभाग |
कितना व्यय | ₹6000 करोड़ |
कब तक | वित्त वर्ष 2023-24 से वित्त वर्ष 2026-27 तक |
बीमा प्रोत्साहन | प्रीमियम का 40% (₹1 लाख तक) |
1. मूल बीमा
यह बीमा गैर-रोकथाम योग्य खतरों के कारण उपज के नुकसान को कवर करता है, जैसे कि गर्मी से होने वाली मौतें, प्रदूषण, भूकंप, चक्रवात, बाढ़, अन्य प्राकृतिक आपदाएं, दंगे, जहर सहित थर्ड पार्टी के दुर्भावनापूर्ण कार्य, और फार्म के स्ट्रक्चरल डैमेज के कारण फसल का नुकसान आदि।
2. व्यापक बीमा
यह बीमा मूल बीमा के अंतर्गत आने वाले खतरों के साथ-साथ बीमारियों आदि के कारण होने वाले अतिरिक्त खतरों को भी कवर करता है।
कितना मिलता है प्रोत्साहन?
- जलकृषि बीमा के लिए, किसानों को भुगतान किए गए प्रीमियम के 40% की दर से प्रोत्साहन दिया जाता है।
- यह प्रोत्साहन ₹25,000 प्रति हेक्टेयर या 4 हेक्टेयर जल विस्तार क्षेत्र (WSA) के लिए प्रति किसान ₹1 लाख तक की सीमा के साथ दिया जाता है।
- गहन प्रणालियों सहित जलकृषि प्रणालियों जैसे कि फार्म, केज कल्चर, आरएएस, बायो-फ्लोक और रेसवे आदि के लिए, प्रति किसान को 1800 वर्ग मीटर के लिए ₹1 लाख तक की सीमा के साथ भुगतान किए गए प्रीमियम पर 40% की दर से जलकृषि बीमा प्रदान किया जाता है।
कौन ले सकता है इस योजना का लाभ?
यह योजना उन सभी किसानों के लिए है जो जलीय कृषि करते हैं। यदि आप मछली पालन करते हैं, तो आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं और अपनी फसल को सुरक्षित कर सकते हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जो किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है।
योजना के लिए आवेदन कैसे करें
इस योजना के लिए सभी किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाईट https://nfdp.dof.gov.in/nfdp/ पर जाएँ।
इस पेज पर थोड़ा नीचे जाने के बाद “Aquaculture Insurance” के टैब पर क्लिक करें।

उसके बाद क्लिक करें “Login / Registration” के लिंक पर।
अगले पेज पर इन्श्योरेन्स के लिए फार्म भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
आप अपने नजदीकी CSC सेंटर जाकर भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
ज्यादा जानकारी के लिए +91-040-24000201/177 पर संपर्क करें।